तुलसी पूजन का हिन्दू समाज में विशेष महत्व है। भारत में रहने वाले नब्बे प्रतिशत लोग सीधे अथवा वैज्ञानिक गुणों के कारण अपरोक्ष रूप से तुलसी के पौधे के प्रति श्रद्धा रखते हैं और इससे कहीं न कहीं लाभान्वित भी होते हैं। तुलसी को जहां एक और बड़ा वर्ग श्रद्धा के कारण पूजता है वहीं दूसरी और वैज्ञानिक और आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि इसमें रोगों को दूर करने के बहुत सारे गुण मौजूद हैं
तुलसी पूजन की चिर पुरातन पूजा पद्धति कहीं ओझल हुई लगती थी लेकिन पिछले लगभग दो दशकों से बड़ी मात्रा में लोग तुलसी पूजन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन बड़े स्तर पर कर रहे हैं।
ऐसा ही एक कार्यक्रम आदर्श नगर में आयोजित किया जिसमें बड़ी मात्रा में बच्चों, बड़ों माताओं बहनों ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहभागिता की।
आयोजित कार्यक्रम
कार्यक्रम संयोजक श्री राजीव जी ने बताया कि तुलसी पूजन के उपलक्ष्य में ग्यारह सौ बार हनुमान चालीसा का पाठ किया गया साथ ही नाटक, नृत्य आदि का प्रदर्शन भी हुआ जिसमें सभी बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की जिसमें प्रमुख रूप से सीताराम, कृष्ण कुमार, अखिलेश गौड़, पंडित तीर्थराज उपाध्याय, रविंदर शर्मा, रणवीर सिंह, सुशील गोस्वामी, नन्हे, हरकेश, मोतीचन्द, विमल गुप्ता जी आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: गढ़संवाद – 25 दिसंबर 2023