Civil war 2024 Film review (सिविल वॉर २०२४ फ़िल्म समीक्षा)

सिविल वॉर २०२४ चलचित्र के अवलोकन से निर्देशक एवं कलाकारों की बहुआयामी प्रतिभा का आभास होता है ,

यह चलचित्र एक ऐसी साहसी एवं दृढ़निश्चयी युद्धपत्रकारली स्मिथका यात्रावृतांत प्रतीत होता है जो पूरे चलचित्र में विभिन्न परिस्थितियों से गुजरते हुए अंत में एक कनिष्ठ पत्रकार जो स्वयंली स्मिथके जीवन से अति प्रभावित थी, उसके लिए अपना जीवन न्योछावर कर देती है।

पटकथा के और भी कई आयाम हैं जिनपर चर्चा की जानी चाहिए जैसे की आज के समय में अमेरिका में एक दुर्बल और प्रभावहीन राष्ट्रपति का होना  जो की तत्कालीन राष्ट्रपतिजो बाईडेनकी ओर संकेत करता है।

पटकथा कई मोड़ लेती है, स्वदेशी अमरीकियों द्वारा सहजनों की हत्या से लेकर विघटनकारी शक्तियों द्वारा राष्ट्र पर पुनः स्वायत्ता स्थापित करना, जल थल नभ सेनाओं द्वारा किया गया प्रारंभिक विद्रोह जिसके कारण मूल सेनाएँ केवल आत्मसमर्पण करके स्वयं को विद्रोहियों के समक्ष बकरियों सा प्रस्तुत कर दें।

अंत उसी प्रकार से प्रदर्शित किया गया है जैसा मुअम्मर गद्दाफ़ी कहें या सद्दाम  हुसैन  का रहा

चलचित्र से भारतीयों के लिए विशेष संदेश: हालाँकि प्रशासन नें सभी विभागों को समुचित शक्तियाँ एवं साधन प्रदान किए हैं परंतु जब विघटन कारी शक्तियाँ अपने पैर पसारने लगती हैं तो उस समय किसी भी नागरिक को राष्ट्र सुरक्षा हेतु लेशमात्र भी संशय नहीं होना चाहिए और उसे तुरंत स्वयं की, परिवार की और अपने समाज की सुरक्षा हेतु चिंतन करते हुए सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करनी  चाहिए। इस बात का हमेशा संज्ञान रहना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक सैनिक है एवं प्रत्येक सैनिक एक नागरिक, यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं, समानांतर हैं। 

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