कांग्रेस जिसने स्वतंत्रता की लड़ाई का तथाकथित नेतृत्व किया और देश पर लंबे समय तक राज किया आज उसकी दयनीय स्थिति है। इस दयनीय स्तिथि को प्राप्त करने के आखिर क्या कारण हैं ?
इस पहलू पर गौर करें तो इसके कई कारण हैं जिनको कांग्रेस के गर्त में जाने का कारण कहा जा सकता है लेकिन इसका एक प्रमुख कारण देश की आत्मा हिंदुत्व एवं इस राष्ट्र की परंपराओं के विरोध में उतर आना है साथ ही जो विधर्मी लगातार इस राष्ट्र की आत्मा को नोचते रहे उनका महिमामंडन कर उनका तुष्टीकरण करना है।
हाल ही में एक ऐसे ही समुदाय विशेष के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कहना कि आपसे मेरा रिश्ता नया नहीं हैं और उनका तुष्टीकरण करते हुए कहना कि आपके सेवा कार्य बहुत अच्छे हैं यह इस राष्ट्र को क्या संदेश देता है ?
जबकि पूरा देश जानता है उनके सेवा कार्यों के ढकोसले केवल धर्मांतरण के लिए होते हैं। वह सेवा नहीं गरीबों को धन का लालच देकर उनकी गरीबी का मजाक उड़ाते हैं और अपनी सेवा के बदले धर्मांतरण का घिनौना खेल खेलते हैं।
इस राष्ट्र के बहुसंख्यक समाज ने कांग्रेस के इसी घृणित तुष्टीकरण के कारण उसका दामन छोड़ा है। क्या भगवा संगठनों को अब देश की आत्मा कहे जाने वाले हिंदुत्व और यहां के राष्ट्रीय विचारों पर भरोसा नहीं रहा।
यह लगातार देखने में आ रहा है कि ना केवल हिंदुत्व बल्कि बहुत सारे विचार भगवा दल “एडॉप्ट” करता चला जा रहा है जिसका उन्होंने कभी विरोध किया था। इसमें “मुस्लिम तुष्टिकरण” भी है। इस पर भगवागढ़ को विचार करने की आवश्यकता है।